Friday, January 29, 2016

4th Chapter 14th Sloka

न मां कर्माणि लिम्पन्ति न मे कर्मफले स्पृहा ।
इति मां योऽभिजानाति कर्मभिर्न स बध्यते ॥४.१४॥

na māṃ karmāṇi limpanti na me karmaphale spṛhā |
iti māṃ yo'bhijānāti karmabhirna sa badhyate ||4.14||

0 माम् 2/1 कर्माणि 1/3 लिम्पन्ति III/3 0 मे 6/1 कर्मफले 7/1 स्पृहा 1/1
इति 0 माम् 2/1 यः 1/1 अभिजानाति III/1 कर्मभिः 3/3 0 सः 1/1 बध्यते III/1 ॥४.१४॥


·         [na] = not = अव्ययम्
·         माम् [mām] = me = अस्मद् (pron. m.) + कर्मणि to लिम्पन्ति 2/1         
·         कर्माणि [karmāṇi] = actions = कर्मन् (n.) + 1/3         
·         लिम्पन्ति [limpanti] = affect = लिप् (6U) to touch + लट्/कर्तरि/III/3          
·         [na] = not = अव्ययम्
·         मे [me] = my = अस्मद् (pron. m.) + सम्बन्धे to स्पृहा 6/1        
·         कर्मफले [karmaphale] = in the result of action = कर्मफल (n.) + 7/1
o   कर्मणां फलम् (6T), तस्मिन्।
·         स्पृहा [spṛhā] = longing = स्पृहा (f.) + 1/1
·         इति [iti] = thus = अव्ययम्       
·         माम् [mām] = me = अस्मद् (pron. m.) + कर्मणि to अभिजानाति 2/1     
·         यः [yaḥ] = the one who = यद् (pron. m.) + कर्तरि to अभिजानाति 1/1          
·         अभिजानाति [abhijānāti] = know = अभि + ज्ञा (9P) to know + लट्/कर्तरि/III/1       
·         कर्मभिः [karmabhiḥ] = by actions = कर्मन् (n.) + कर्तरि to बध्यते 3/3
·         [na] = not = अव्ययम्
·         सः [saḥ] = he = तद् (pron. m.) + कर्मणि to बध्यते 1/1
·         बध्यते [badhyate] = is bound = बध् (1A) to bind + लट्/कर्मणि/III/1         

Actions do not affect me. There is no longing with reference to the result of action for me. The one who knows me clearly in this way is not bound by actions.


Sentence 1:
कर्माणि 1/3 माम् 2/1 0 लिम्पन्ति III/3
Actions (कर्माणि 1/3) do not ( 0) affect (लिम्पन्ति III/3) me (माम् 2/1).

Sentence 2:
कर्मफले 7/1 मे 6/1 स्पृहा 1/1 0
There is no ( 0) longing (स्पृहा 1/1) with reference to the result of action (कर्मफले 7/1) for me (मे 6/1).

Sentence 3:
इति 0 यः 1/1 माम् 2/1 अभिजानाति III/1 सः 1/1 कर्मभिः 3/3 0 बध्यते III/1 ॥४.१४॥
The one who (यः 1/1) knows (अभिजानाति III/1) me (माम् 2/1) clearly in this way (इति 0) is not ( 0) bound (सः 1/1 बध्यते III/1) by actions (कर्मभिः 3/3).

येषाम् 6/3 तु 0 कर्मणाम् 6/3 कर्तारम् 2/1 माम् 2/1 मन्यसे II/1 परमार्थतः 0 तेषाम् 6/3 अकर्ता 1/1 एव 0 अहम् 1/1, यतः 0 --
0 माम् 2/1 तानि 1/3 कर्माणि 1/3 लिम्पन्ति III/3 देहाद्यारम्भकत्वेन 3/1, अहंकार-अभावात् 5/1 0 0 तेषाम् 6/3 कर्मणाम् 6/3 फलेषु 7/3 मे 6/1 मम 6/1 स्पृहा 1/1 तृष्णा 1/1 येषाम् 6/3 तु 0 संसारिणाम् 6/3 ”अहम् 1/1 कर्ता 1/1 इति 0 अभिमानः 1/1 कर्मसु 7/3, स्पृहा 1/1 तत्फलेषु 7/3 0, तान् 2/3 (संसारिणः 2/3) कर्माणि 1/3 लिम्पन्ति III/3 इति 0 युक्तम् 1/1, तदभावात् 5/1 0 माम् 2/1 कर्माणि 1/3 लिम्पन्ति III/3 इति 0 एवम् 0 यः 1/1 अन्यः 1/1 अपि 0 माम् 2/1 आत्मत्वेन 3/1 अभिजानाति III/1 ”न 0 अहम् 1/1 कर्ता 1/1, न 0 मे 6/1 कर्मफले 7/3 स्पृहा 1/1” इति 0 सः 1/1 कर्मभिः 3/3 0  बध्यते III/1, तस्य 6/1 अपि 0 0 देहाद्यारम्भकाणि 1/3 कर्माणि 1/3 भवन्ति III/3 इत्यर्थः 1/1

No comments:

Post a Comment

Please use this form to report typos, make suggestions, ask questions on grammatical points.
For English translation, interpretation, etc. Please refer to Bhagavad Gita Home Study Course.
Please note that this website is meant for grammar.
Thank you.


Free download of PDF files are available at Arsha Avinashi Foundation.