Showing posts with label 0633 6th Chapter 33rd Sloka. Show all posts
Showing posts with label 0633 6th Chapter 33rd Sloka. Show all posts

Tuesday, August 20, 2019

6th Chapter 33rd Sloka


अर्जुन उवाच ।
योऽयं योगस्त्वया प्रोक्तः साम्येन मधुसूधन ।
एतस्याहं न पश्यामि चञ्चलत्वात् स्थितिं स्थिराम् ॥६.३३॥

arjuna uvāca |
yo'yaṃ yogastvayā proktaḥ sāmyena madhusūdhana |
etasyāhaṃ na paśyāmi cañcalatvāt sthitiṃ sthirām ||6.33||

अर्जुनः 1/1 उवाच III/1
यः 1/1 अयम् 1/1 योगः 1/1 त्वया 3/1 प्रोक्तः 1/1 साम्येन 3/1 मधुसूधन S/1
एतस्य 6/1 अहम् 1/1 0 पश्यामि I/1 चञ्चलत्वात् 5/1 स्थितिम् 2/1 स्थिराम् 2/1 ॥६.३३॥

·         अर्जुनः [arjunaḥ] = Arjuna = अर्जुन (m.) + कर्तरि to उवाच 1/1          
·         उवाच [uvāca] = said = वच् (2P) to say + लिट्/कर्तरि/III/1
·         यः [yaḥ] = that which = यद् m. + adj. to प्रोक्तः 1/1
·         अयम् [ayam] = this = इदम् m. + adj. to योगः 1/1
·         योगः [yogaḥ] = yoga = योग (m.) + कर्तरि to (भवति) 1/1
·         त्वया [tvayā] = by you = युष्मद् m. + कर्तरि to प्रोक्तः 3/1
·         प्रोक्तः [proktaḥ] = taught = प्रोक्त m. + S.C. to योगः 1/1
·         साम्येन [sāmyena] = as sameness = साम्य (n.) + इत्थंभूतलक्षणे 3/1
·         मधुसूधन [madhusūdhana] = O! Madhusūdhana = मधुसूधन (m.) + सम्बोधने 1/1
·         एतस्य [etasya] = of this = एतद् (m.) + सम्बन्धे to स्थितिम् 6/1
·         अहम् [aham] = I = अस्मद् m. + कर्तरि to पश्यामि 1/1
·         [na] = not = अव्ययम्
·         पश्यामि [paśyāmi] = see = दृश् (1P) + लट्/कर्तरि/I/1
·         चञ्चलत्वात् [cañcalatvāt] = due to agitaiton = चञ्चलत्व (n.) + हेतौ 5/1
·         स्थितिम् [sthitim] = vision = स्थिति (f.) + कर्मणि to पश्यामि 2/1
·         स्थिराम् [sthirām] = steady = स्थिरा f. + adj. to स्थितिम् 2/1


Arjuna said:
Madhusūdhana! This yoga that you have talked about as sameness, I do not see its steady vision due to agitaiton (of the mind).

Sentence 1:
अर्जुनः 1/1 उवाच III/1
Arjuna (अर्जुनः 1/1) said (उवाच III/1):

Sentence 2:
Madhusūdhana (मधुसूधन S/1)! This (अयम् 1/1) yoga (योगः 1/1) that (यः 1/1) you (त्वया 3/1) have talked about (प्रोक्तः 1/1) as sameness (साम्येन 3/1), I (अहम् 1/1) do not ( 0) see (पश्यामि I/1) its (एतस्य 6/1) steady (स्थिराम् 2/1) vision (स्थितिम् 2/1) due to agitaiton (चञ्चलत्वात् 5/1) (of the mind).

एतस्य 6/1 यथोक्तस्य 6/1 सम्यग्दर्शन-लक्षणस्य 6/1 योगस्य 6/1 दुःख-संपाद्यताम् 2/1 आलक्ष्य 0 शुश्रूषुः 1/1 ध्रुवम् 0 तत्-प्राप्ति-उपायम् 2/1
अर्जुनः 1/1 उवाच III/1
यः 1/1 अयम् 1/1 योगः 1/1 त्वया 3/1 प्रोक्तः 1/1 साम्येन 3/1 समत्वेन 3/1 हे 0 मधुसूधन S/1 एतस्य 6/1 योगस्य 6/1 अहम् 1/1 0 पश्यामि I/1 0 उपलभे I/1, चञ्चलत्वात् 5/1 मनसः 6/1 किम् 2/1? स्थिराम् 2/1 अचलाम् 2/1 स्थितिम् 2/1




Medha Michika's books on Sanskrit Grammar are available at: Amazon in your country.

Free download of PDF files are available at Arsha Avinashi Foundation.